Sunday, March 31, 2019

पुलवामा अटैक से 40 सैनिको की शहादत वाले दिन से लेकर अब तक प्रधान प्रचारक मोदी की एक दर्जन से ऊपर रैलियां हो चुकी हैं।

पुलवामा अटैक से 40 सैनिको की शहादत वाले दिन से लेकर अब तक प्रधान प्रचारक मोदी की एक दर्जन से ऊपर रैलियां हो चुकी हैं। फिर भी जनता में बीजेपी के पक्ष में कोई माहौल नही बन पा रहा है। स्टार प्रचारक योगी और अमित शाह की रैलियों में खाली कुर्सियां और खाली मैदान भक्तों को मायूस कर रहे हैं।

आज प्रधान चौकीदार का मेगा इवेंट भी टीवी पर लाइव चलता रहा लेकिन टीवी देखने वाले आईपीएल पर ज्यादा चर्चा करते पाए गए। कल अखबार में मुख्य पेज पर छापा जाएगा,लेकिन अब लोग हेडिंग पढ़कर पन्ना पलटने लगे हैं। करोड़ो रु की ये प्रयोजित नौटंकी भी फ्लॉप हो गई। यकीन न हो तो भक्तों की वाल चेक कर लीजिए।

आज के दिन सोशल मीडिया पर दो लोगों की फोटो बहुत वायरल हो रही हैं। एक मे ओएनजीसी को बरबाद करने वाला संबित पात्रा उड़ीसा में गरीब की झोपड़ी में बैठ कर मिट्टी से बने चूल्हे से बनाया गया भोजन कर रहा है। ये तस्वीर और इसका वीडियो प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्वला गैस योजना की पोल खोलती है। रैलियो में मोदी जी इन योजनाओं की सफलता के कितने भी दावे करें,किंतु यथार्थ के धरातल पर यही सच है,जो संबित पात्रा ने दिखाया है।

दूसरी तस्वीर मथुरा की सांसद हेमा मालिनी की है। कटे हुए गेहूँ की फसल काटने की एक्टिंग करके फोटो में खिलखिला रही हैं। सांसदी का अपना मजा भी है इसलिए ये एक्टिंग भी लाजमी है। एक आरटीआई से पता चला है कि मोदी सरकार ने हेमा मालिनी को 70 करोड़ की एक जमीन मात्र पौने दो लाख में बेच दी है।

छत्तीसगढ़ के भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का दामाद 50 करोड़ के घोटाले में फरार है, और रमन सिंह कह रहे है मैं भी चौकीदार हूँ। रॉबर्ट बाड्रा को जेल भेजने का भोंपू बजाने वाले अपने जीजा की करतूत पर शांत हैं।

पिछले 5 साल में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की संपत्ति 3 गुना और उनकी पत्नी की 16 गुना बढ़ गयी है। पुत्र जय शाह तो सम्पत्ति बढ़ाने के सभी पुराने रिकार्ड तोड़ चुके हैं। इसको भृष्टाचार न मानिए ये सब राष्ट्रवाद माना जाता है।

खैर इसको भी जाने दीजिए और एक बहुत महत्वपूर्ण बात सुनिए, इस चुनाव में बीजेपी को हर लोकसभा में 25 हजार से 1 लाख वोटों का नुकसान है लेकिन पत्तलकारों को एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर लिखने बोलने को ऊपर से मनाही है। शायद ये भारत का पहला ऐसा चुनाव है जिसमे सत्ता के विरुद्ध बनी स्वाभाविक एंटी इनकम्बेंसी लहर को नजरअंदाज किया जा रहा है।

सात चरण में चुनाव कराने वाला चुनाव आयोग कह रहा है कि 50% VVPAT पर्ची गिनने से नतीजों में पाँच दिन देर होगी। फिर VVPAT का मतलब ही क्या रह गया ? पहले भी बैलेट पेपर डेढ़ दिन में गिन लिए जाते थे,तो अब पर्चियां क्यों नहीं  गिनी जा सकती ? टी एन शेषन को इसी वजह से लोग आज भी भूले नही हैं। चुनाव आयोग तो खत्म ही समझिये, सुप्रीम कोर्ट से कुछ आस बची है।

एक और जरूरी बात जान लीजिए। इसे लेसन नम्बर 8 भी कह सकते हैं। वो रोज़ एक सराब, खराब टाइप का चुटकुला छोड़ेंगे और आप सब उस पर नए चुटकुले बनाने की योग्यता दिखाएँगे। सवालों को भटकाने का ये सबसे आसान तरीक़ा है। विपक्ष को इससे बचना चाहिए।आज के लिए इतना ही ठीक है।
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Saturday, March 30, 2019

आदरणीय लालू प्रसाद यादव जी जब मुसहर महिला को पहचान कर बोला "सुखमनी तुम यहाँ"

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आदरणीय लालू प्रसाद यादव जी जब मुसहर महिला को पहचान कर बोला ..... "सुखमनी तुम यहाँ"




लालू जी की याददाश्त बहुत ग़ज़ब की है. एक बार वो जिससे मिल लेते हैं, उनका नाम और चेहरा कभी नहीं भूलते।

"एक बार लालू जी एक पब्लिक मीटिंग में गए थे। वहाँ पर एक बड़ा सा लोहे वाला माइक लटका हुआ था। एक फटी दरी लगी हुई थी। 'ऑर्गनाइज़र' भी वहाँ से नदारद थे। नेता लोग अमूमन देर से पहुंचते हैं। लालू जी थोड़ा पहले पहुंच गए।"

"जब लालू जी पहुंचे तो मुसहर लोगों के टोले में रहने वाले लोगों ने सबसे पहले लालू जी सब को देखा। वो भागते हुए वहाँ पहुंचे। एक युवती लालू जी की नज़रों को पकड़ने की कोशिश कर रही थी। उसके हाथ में एक बच्चा था। लालू जी ने उसको देखते ही पूछा, 'सुखमनी तुम यहाँ कैसे? तुम्हारी शादी यहीं हुई है क्या?' फिर लालू ने उसकी दूसरी बहन का नाम ले कर पूछा कि वो कहाँ है? उसने बताया कि बगल वाले गाँव में उसकी भी शादी हुई है। लालू जी ने तुरंत अपनी जेब से पाँच सौ रुपये का नोट निकाल कर उसे देते हुए कहा कि इससे बच्चे के लिए मिठाई वग़ैरह ख़रीद लेना।"

सबको बड़ा ताज्जुब हुआ कि एक ग़रीब औरत को लालू जी न सिर्फ़ नाम ले कर बुला रहे हैं, बल्कि उसकी बहन के बारे में भी पूछ रहे हैं। लालू जी बताते हैं  कि मुख्यमंत्री बनने से पहले जब वो पटना के वेटरिनरी कॉलेज में रहा करते थे, तो उक्त महिला वहीं पास के मुसहर टोला में रहती थी। लालू यादव जी सालों गुज़र जाने के बाद भी उसे नहीं भूले थे। ये जो लालू जी की महान शख़्सियत है, यही उनकी ताक़त है।" हर गरीब के दिलों में लालू जी का नाम बसा है।

यह वाकया शिवानंद तिवारी जी ने बीबीसी को बताया था।











Thursday, March 28, 2019

महागठबंधन के उम्मीदवार श्री सरफराज आलम का नामांकन समारोह।


अररिया चले।।      अररिया चले।।        अररिया चले।।
प्रिय साथी,
श्री सरफराज आलम जी आज 29 मार्च दिन के 2:00 बजे बादे नमाज जुमा नेताजी सुभाष स्टेडियम अररिया में महागठबंधन की तरफ से अपना नॉमिनेशन देंगे।
महागठबंधन प्रत्याशी माननीय सांसद सरफराज आलम जी के नामांकन समारोह में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जी विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश साहनी और हिंदुस्तान अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी जी अररिया नेता जी स्टेडियम में 2:00 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे आप सभी से विन्रम निवेदन है भारी संख्या में उपस्थित होकर सरफराज आलम जी का हौसला अफजाई करें धन्यवाद।

मोदी नही मुद्दे पे आइए। देश को बचाइए : बाबुल इनायत

आप तब भी बेरोज़गार थे और अब भी बेरोज़गार है लेकिन वह चायवाला से प्रधान सेवक एवं पकौड़ेवाला बनते हुए अब चुनाव के वक़्त फिर चौकीदार बन गया है। कहाँ है 2 करोड़ नौकरी वाला वादा??
#मोदी_नहीं_मुद्दे_पे_आइये


हर वर्ष दो करोड़ नौकरी का स्वर्ग दिखाने वाले पकौड़े तलने व चौकीदारी में भी श्रय लेने लगे!
बेरोजगारों के सपनो से इतना भद्दा मजाक?
#मोदी_नही_मुद्दे_पे_आइए। #देश_बचाइए।


SC ST Act जैसे दलित उत्थान की मूल आवश्यकताओं के साथ मनुवादी छेड़छाड़ कर दलितों के मानवाधिकार के साथ क्यों खिलवाड़ हो रहा है?


‪100 स्मार्ट सिटी बनाने का सपना दिखाकर एक भी शहर का एक भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ! स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का क्या हुआ?‬
‪#मोदी_नहीं_मुद्दे_पे_आइये‬

मैं कैसे यकीन कर लूं तेरी जुमलेबाजी पर
तुमने तो गंजो को भी कंघी बेच दिया।

‪आप बेरोज़गारी पर बात करोगे तो वो राष्ट्रवाद बतियाने लगेंगे। इन ठगों के झाँसे में नहीं आना, अपनी नौकरी की माँग पर अड़े रहना।‬

‪https://www.timesnewslive.com/2019/03/blog-post_15.html‬

‪मोदी जी 2014 के वादों पर भी बात करिए।‬
‪https://www.timesnewslive.com/2019/03/2014.html‬









तेजस्वी ने पूछा है कि जनादेश चोरी से बिहार में बनी पलटीमार डबल इंजन की सरकार से बिहार को क्या लाभ हुआ?
https://khabar.ndtv.com/news/bihar/modi-tell-us-his-what-promise-of-2014-fulfilled-tejaswi-yadav-2009524

राबड़ीदेवी ने पीएम मोदी की 'मैं भी चौकीदार' वाली बात पर जमकर हमला बोला है ... 

https://bit.ly/2Flwi4r



Thursday, March 21, 2019

Happy Holi

Wish you all a very happy & colourful holi. May god fill your life with colours of love, joy & happiness.

#HappyHoli
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Friday, March 15, 2019

जब सत्ता के शीर्ष पर अंग्रेज़ो की चापलूसी करने वालो की नस्ले हों : बाबुल इनायत

जब सत्ता के शीर्ष पर अंग्रेज़ो की चापलूसी करने वालो की नस्ले हों ,जब सत्ता के शीर्ष पर गांधी की हत्या वाली विचारधारा काबिज़ हो,जब सत्ता के शीर्ष पर वो लोग काबिज़ हों जिनका मुल्क की आज़ादी में कोई योगदान न होकर मुखबिरी करना रहा हो,जब सत्ता के शीर्ष पर वो लोग हों जो अज़हर मसूद को कंधार तक छोड़ आने वाले पार्टी के लोग हों,जब एक जानवर के नाम पर इंसानो की हत्या करने वालो के परोक्ष समर्थक सत्ता के शीर्ष पर हों ,जब संविधान और लोकतंत्र की हत्या करने वाले सरकार में हों,जब माँ के पेट को चीर कर अजन्मे वजूद की हत्या करने वाले सरकार में हों, तो फिर अघोषित आपातकाल कोई अचंभा नही हैं, वही सवाल उठाएगा जो निष्पक्ष होगा जो लोकतंत्र की बात करेगा जो इन्साफ की बात करेगा या तो हिंसक पशु वाली मानसिकता वाली भीड़ उनको मार डालेगी या देश द्रोही कह डालेगी क्योंकि सवालो के जवाब होंगे नही ,सिर्फ जुमला बाज़ी बकलोली आतंक नफरत गुंडागर्दी के सिवा उनके पास कुछ भी नही ।



मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन करता हूँ : बाबुल इनायत

"जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" के नारे के साथ दलित अधिकारों का बीड़ा उठाने वाले भारतीय राजनीति में बदलाव लाने वाले, मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन करता हूँ !!

मोदी जी बेरोज़गारी पर बात करने पर आपका गला क्यों सुख जाता है : तेजस्वी यादव

मोदी जी बेरोज़गारी पर बात करने पर आपका गला क्यों सुख जाता है : तेजस्वी यादव 

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किसी भी सरकार की सफलता, गुणवत्ता व दूरदर्शिता का प्रतीक उसकी आर्थिक व सामाजिक नीतियाँ होती हैं। मोदी सरकार देश के सामाजिक स्वरूप को उधेड़-उधेड़ कर अराजकता की ओर मोड़ रही है तो दूसरी तरफ़ अपने स्टंट के ज़रिए देश के आर्थिक विकास के पहिए ही उखाड़ अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार दिया है

रोजगार सृजन से अर्थव्यवस्था का अंदाजा लग जाता है। लेकिन यहाँ तो दो करोड़ नौकरी प्रति वर्ष का नारा लगाने वाले 5 साल में उसके सौवें भाग तक भी उस वादे को निभा नहीं पाए। NSSO की रिपोर्ट के अनुसार इन पाँच सालों में पचास साल का रोना रोने वालों के कारण रोज़गार की पिछले 45 वर्षों में सबसे बदतर स्थिति रही।

एक अन्य CMIE की रिपोर्ट के अनुसार नोटबन्दी ने असंगठित क्षेत्र से 11 करोड़ नौकरियाँ लील कर दी, जिसकी मार देश के सबसे निचले तबके के लोगों पर पड़ी। यही नहीं Make In India का शेर गुर्राने-दहाड़ने के बजाय 5 साल तक मिमियाते रहा। पूंजी निवेश लाने और रोज़गार सृजन- दोनों ही मामले में इवेंट मैनज्मेंट के सहारे काग़ज़ पर बनाया गया मेक-इन-इंडिया का शेर चारों खाने चित्त हो गया।

संगठित, असंगठित, निजी व सरकारी क्षेत्र- सभी की स्थिति बद से बदतर है। हर क्षेत्र से रोजगार के अवसर खत्म ही नहीं हो रहे बल्कि कार्यरत मानव संसाधन की छटनी भी बदस्तूर जारी है। BSNL, ONGC जैसी नवरत्न कम्पनियों को जानबूझकर नीम हकीम नीतियों से घाटे में धकेला जा रहा है, विनिवेश की ज़मीन तैयार की जा रही है।

 युवाओं व बेरोजगारों को अंधेरे में रखने के लिए सरकार ने तीन-तीन बार बेरोजगारी के आँकड़े प्रकाशित होने से रोक दिया गया। हाल ही में MUDRA योजना के द्वारा करवाए गए बेरोजगारी पर एक रिपोर्ट को भी प्रकाशित होने से रोक दिया।

श्रमिक वर्ग का 80% प्रतिशत, कुल मानव संसाधन का एक चौथाई और कौशल प्राप्त कर्मियों का एक तिहाई भाग आज भी निर्धनता से जूझ रहा है। मोदी जी के आसमानी वादों के मारे करोड़ों युवा नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहे है।

छलावा पार्टी की छलिया सरकार ने भर्ती के बहाने आवेदन पत्रों की फ़ीस के नाम ही बेरोज़गार युवाओं से हज़ारों करोड़ रुपए लूट लिए। अकेले रेलवे ने बेरोजगारों के आवेदनों से अरबों कमाए है।

युवाओं का ध्यान भटकाने के लिए सामाजिक सौहार्द के साथ खिलवाड़ हो रहा है। युवाओं को काल्पनिक शत्रु दिखा कर बेरोज़गारी के सवाल से दूर किया जा रहा हैं। मोदी सरकार बेरोज़गारी पर बात करने से क्यों डरती है? युवा साथियों से आग्रह है वो अपने जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों को आगामी चुनाव में तरजीह दे। मोदी जी से 2014 के घोषणा पत्र पर सवाल जवाब करे।


आज अगर लालू जी पटना में आकर सिर्फ बैठ जाए तो मोदी और नीतीश जैसा नेता चौखट के बाहर निकलने से पहले हजार बार सोचेंगे।
इसको बोलते है लालू जी के चमत्कारी नेतृत्व का खौफ।
जनता का अपार प्यार और लालू जी के लिए ये  जनता का भरोसा, लालू जी के हमेशा साथ है।
इसी डर के चलते उनको जेल से बाहर नहीं किया जा रहा है। यहां तक की मेडिकल बेल भी नहीं दिया जा रहा है, ये दर्शाता है कि एनडीए में उनका कितना खौफ चल रहा है इस चुनावी मौसम में।

लालू जी बोलते हैं तो चुनाव आयोग और केन्द्र सरकार डोलता है । अगर बाहर निकल कर बिहार घूम ले तो नीतीश मोदी जैसे नेता का अस्तित्व ही मिट जाएगा।

Sunday, March 10, 2019

7 चरण में होंगे लोकसभा चुनाव : बाबुल इनायत

7 चरण में होंगे लोकसभा चुनाव. वोटिंग का 

पहला चरण 11 अप्रैल,
दूसरा 18 अप्रैल,
तीसरा 27 अप्रैल,
चौथा चरण 29 अप्रैल,
पाँचवाँ 6 मई,
छठा 12 मई,
सातवाँ चरण 19 मई को.
वोटों की गिनती 23 मई को होगी.


Saturday, March 9, 2019

सीरियस होकर राजनीति पर ध्यान दो: बाबुल इनायत।

जूनियर्स के लिए तीसरा लेसन। नोट कर लो। संघी गिरोह कैसे काम करता है सबसे पहले ये समझो, फिर इनका तोड़ निकालने में पारंगत हो जाओगे।

झूठ बोलो,बार बार झूठ बोलो। चेन्नई में बैठा एक व्यक्ति झूठ बोले तो श्रीनगर तक वही झूठ रिपीट होता रहे। जब तक लोग आपके एक झूठ को झूठ साबित करें तब तक फिर एक नया झूठ बोलो। प्रधान प्रचारक मोदी,बीजेपी आईटी सेल और खरीदी गई मीडिया ऐसे ही काम करती है।

इसलिए संगठित हो जाओ। चुनावी समय है,चुटकुले मजाक बहुत हो गया। सेल्फी वगैरह भी कम करो। ये सब दिनभर नोटिफिकेशन देकर आपको उसी में उलझाए रहते हैं। अब सीरियस होकर राजनीति पर ध्यान दो। यदि खुद नही लिख सकते तो सीनियर्स की पोस्ट को सी फर्स्ट करो और कॉपी पेस्ट करके अपनी वाल पर चिपकाओ। समझे !