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Tuesday, June 12, 2018

उन्हें लालू आखिर अखरता कियूं है? बाबुल इनायत

उन्हें लालू आखिर अखरता क्यों है ???
वजह दरअसल ये है :
जिस बिहार में लालू यादव के पहले विधानसभा और लोकसभा में आधे से ज्यादे अगड़ी जातियों का बोलबाला था, लालू यादव ने उसे आधे से कम पर लाकर खड़ा कर दिया। नहीं समझें ?
तो आईए आंकडा देखिए -
वर्ष 1980 और 1985 में उच्च जाति के विधायकों की संख्या 118 और 105 थी। वहीं पिछड़ी जाति के विधयकों की संख्या 96 और 90 थी।
लेकिन, जब लालू का आगमन हुआ, तो इस उच्च जातियों के एकाधिकार का मानों पतन शुरू हो गया !
देखिए कैसे :-
1990 में लालुजी की सरकार बनी तो उस वक़्त पिछड़ी जाति के विधायकों की संख्या 117 हो गई और उच्च जाति के विधायकों की संख्या 105 पर आ गई।
यानी कि अपने आने के साथ ही पहली बार बिहार के इतिहास में पहली बार बिहार की बहुसंख्य आबादी के पिछड़ों की सरकार बहुमत में आयी।
अब ये कारवाँ थमा नहीं उल्टा बढ़ता गया। और साथ ही लालू यादव उच्च जातियों के आंखों की चुभन बनता गया।
सामाजिक चेतना इतनी जग चुकी थी लालुजी की दूसरी बार सरकार 1995 में दूसरी बार सरकार बनीं तो उच्च जातियों के विधायकों की संख्या मात्र 56 होके रह गई, और पिछड़ी जातियों के विधयक की संख्या 161 पहुंच गई !
सिलसिला ऐसा शुरू हुआ लालू युग से, कि लालू बाद उच्च जाति कभी बिहार की गद्दी पर बैठ नहीं पाई।
देखा जाए तो वोजि लालू ही हैं जिन्होंने "जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" को लागू करके दिखा दिया !!
आपकी दीर्घायु हों लालुजी।
स्वाभिमान जगाने वाले को नेता ही कहते हैं।
आप नेता हैं और रहेंगे ! ~

Friday, June 1, 2018

लालू प्रसाद यादव विज्ञान ही नही बल्कि इतिहास, भूगोल,संस्कृत,शाश्त्र ओर गणित भी है। बाबुल इनायत

उपचुनाव में जीत के बाद तेजस्वी यादव ने कहा लालू एक विचार है विज्ञान है। इस पर विपक्षी कुछ कहे ना कहे लेकिन आजतक चैनल की एक एंकर मोहतरमा को यह सुन बहुत पीड़ा हुई और उन्हीं के ग्रुप के पोर्टल के एक कोई द्विवेदी महोदय है (हो सकता है ज्ञान उसको शायद एक वेद का भी ना हो लेकिन है तो जन्मजात द्विवेदी) उसको भी तकलीफ के साथ हंसी आ रही थी। तो सुनिए......
● लालू विज्ञान है क्योंकि उन्होंने इन जैसों के मनोविज्ञान को ध्वस्त ही नहीं अपितु चकनाचूर किया।
● लालू विज्ञान है क्योंकि उन्होंने इनके सामाजिक और राजनीतिक वर्चस्व को समाप्त किया।
● लालू विज्ञान है क्योंकि 25 वर्ष से परेशान और प्रताड़ित करने के बावजूद यह शख्स अब भी रीढ़ की हड्डी के दम पर खड़ा होकर, लट्ठ गाड़कर इनकी आँखों में आँखों और मुँह में उंगली डाल दांत गिनने की काबिलियत रखता है।
● लालू विज्ञान है क्योंकि तथाकथित भ्रष्टाचारी होने के बावजूद भी वह विगत 28 वर्ष में से 22 वर्ष से राजा बना बैठा है और कोई माई का लाल उसका बाल भी बांका नहीं कर सका है।
● लालू विज्ञान है क्योंकि देश की तमाम बड़ी से बड़ी जांच एजेंसीया पिछले 22 साल से उनके घर आँगन, खेत-खलिहान से लेकर रसोई और बेड को खोद और खंगाल चुकी है. पूछताछ कर चुकी है, गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन इस गुदड़ी के लाल का कुछ नहीं बिगाड़ सकी।
● लालू विज्ञान है क्योंकि उसे गिरफ्तार करने के लिए सेना बुलाई जाती है।
● लालू विज्ञान है क्योंकि अबतक स्वयं घोषित मेरिट वाले यह नहीं जान पाए है कि गंवार, ग्वाला, जोकर, देहाती और अवयस्थित होने के बावजूद ये सभी मेरिटधारी मिलकर भी आरक्षण लागु करवाने वाले इस विचार को ख़त्म कर सकें।
● लालू विज्ञान है क्योंकि इतना बड़ा परिवार होने के बावजूद, जेल जाने के बावजूद, मानसिक तनाव झेलने के बावजूद, CBI-ED-IT की धमकियों के बावजूद, मनुवादी पूर्वाग्रह से ग्रस्त मीडिया के कुछ लोगों के नकारात्मक प्रचार के बावजूद, अनेकों बीमारियाँ होने के बावजूद, अपने चेलों और सहयोगियों से धोखा खाने के बावजूद, सबसे बड़ी पार्टी होने और एक अवसरवादी द्वारा खंजर घोपने के बावजूद, अपने सभी बेटों-बेटियों और रिश्तेदारों पर केस होने के बावजूद, शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, राजनीतिक प्रताड़ना के बावजूद यह माटी का लाल, शेरों का शेर आज भी अकेले जातिवादी संघ और उनके अनेकों संगठनों से अकेले बहादुरी से लड़ रहा है।
● लालू विज्ञान है क्योंकि जिस आडवानी को देश में कोई गिरफ्तार नहीं कर पाया उसे इस भैंस चराने वाले ग्वाल ने नकेल डाल जेल में डाल दिया था।
● लालू विज्ञान है क्योंकि इनके 15 वर्ष के राज में कभी कोई दंगा नहीं हुआ।
● लालू विज्ञान है क्योंकि इन्होने मात्र कुछ वर्ष में बिहार में अबतक की सबसे ज़्यादा 7 यूनिवर्सिटी खुलवाई।
● लालू विज्ञान है क्योंकि इन्होने आजादी के बाद रेलवे को सबसे ज्यादा मुनाफा दिया। उनकी कार्यशैली और प्रबंधन गुणों को लेकर विश्व के प्रतिष्ठित Management Institutes ने research ही नहीं अपितु इन्हें व्याख्यान देने के लिए बुलाया।
● लालू विज्ञान है क्योंकि जिन वंचितों, उपेक्षितों और उत्पीड़ितों को कोई चारपाई पर नहीं बैठाता था वो उन्हें सरकारी कार्यालयों में देखकर उठने ही नहीं लगा बल्कि उन्हें कुर्सी देने लगा।
● लालू विज्ञान है कि उन्होंने जूते सिलने वाले को, पत्थर तोडने वाली को, चूहे पकड़ने वाले को, मछली पकड़ने वाले को, ताड़ी तोड़ने वाले को, मिट्ठी खोदने वाले को, कूड़ा बीनने वाले को, गाय-भैंस चराने वाले को, खेतीबाड़ी और पशुपालन करने वाले को, सभी मेहनतशील और कमेरे वर्गों के लोगों को जीता-जिताकर पंचायतों से लेकर देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा और राज्यसभा भेजा और भेज रहे है।
लिखने को बहुत है लेकिन कितना लिखे बस इतना ही समझ लीजिये..
और हाँ अंत में लालू विज्ञान ही नहीं बल्कि इतिहास, भूगोल, संस्कृत, शास्त्र और गणित भी है. दिल्ली के वातानुकूलित केबिनों में बैठकर आप उस विज्ञान को ना समझ सकते है ना देख सकते है. उसके लिए आपको गाँव की पगडंडियों और खेल-खलिहानों की खाक छाननी पड़ेगी।
बाबुल इनायत
9507860937
सोशल मीडिया प्रभारी,राष्ट्रीय जनता दल अररिया बिहार