Monday, January 6, 2020

न कश्चित कस्यचित मित्रं न कश्चित कस्यचित रिपु:। व्यवहारेण जायन्ते, मित्राणि रिप्वस्तथा।।

न कश्चित कस्यचित मित्रं न कश्चित कस्यचित रिपु:।
व्यवहारेण जायन्ते, मित्राणि रिप्वस्तथा।।

अर्थ – न कोई किसी का मित्र होता है। न कोई किसी का शत्रु। व्यवहार से ही मित्र या शत्रु बनते हैं।



बाबुल इनायत जिला सचिव राष्ट्रीय जनता दल अररिया बिहार

बाबुल इनायत – जीवनी बाबुल इनायत बाबुल इनायत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक युवा एवं सक्रिय नेता हैं, जो वर्तमान में जिला सचिव, राष्ट्रीय ...