सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला की शिवहर के विधायक चेतन आनंद का पटना के एम्स में पिटाई कर दी गई यह कोई नई और पहली घटना नहीं है।इससे पहले भी चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप की भी पिटाई हो चुकी है। यह सब इसलिए खबर में आ जाता है क्योंकि यह लोग आम आदमी नहीं है तो सोचिए आम आदमी का क्या होता होगा रोजमर्रा की जिंदगी में जो खबर लोगों तक पहुंच ही नहीं पाती है।
सवाल सिर्फ इसलिए भी खुश होने का नहीं है कि वह हमारा विरोधी है या विरोधी दल का है। यह किसी भी तरह से हमारे लिए खुशी की बात नहीं है। भले ही वह लोग हमारा विरोधी दल का क्यों ना परंतु इस तरह की परंपरा और मारापीटी बहुत ही खतरनाक है।
आखिर सुशासन बाबू के सिस्टम का लठैत सब इतना आक्रामक क्यों होता जा रहा है सिर्फ अस्पताल ही नहीं सरकारी दफ्तर के छोटे से लेकर बड़े बाबू अधिकारी तक आम जनता को तो कुछ समझते ही नहीं है। वह लोग तो यह भी भूल चुके हैं कि वह किस काम के लिए बहाल हुए हैं और उनकी नियुक्ति क्यों हुई है।
लोकतंत्र में सरकारी सिस्टम के लोगों की दबंगई नीतीश और भाजपा सरकार में जितनी बढ़ी है, आजादी से लेकर अब तक का यह सबसे भंयकर संक्रमण काल रहा है।
बिना पैसा का कहीं कोई काम नहीं होता है और मजेदार यह है कि पैसा भी सीना ठोक कर लिया जा रहा है क्योंकि यह पैसा नीचे से लेकर ऊपर तक जाता है इसीलिए किसी में कोई भय नहीं है क्योंकि आप जहां शिकायत करने जाईएगा उसके हिस्से की राशि वहां तक पहुंच गई है। यूं कहे तो पूरी की पूरी सरकार ही करप्शन के गारे पर टिकी हुई है।
इन सब से निजात पाने के लिए हम लोगों को मजबूती से लड़ाई लड़ने की जरूरत है। वर्तमान शासन प्रशासन से अंग्रेजी हुकूमत की बू आती है। इसकी धुलाई और सफाई बहुत जरूरी है। वर्ना इसकी सड़ांध से हमारी आने वाली नस्लें प्रभावित हो रही है। इस तथाकथित भ्रष्ट और सामंती सुशासन से हमें निजात पाना हीं होगा। थोड़ा विचार कीजिए कहीं आप इसके आदि तो नहीं होते जा रहे हैं। मुक्ति का मार्ग खोजिए अन्यथा आप अपना नरक स्वयं निर्मित करने के जिम्मेदार होंगे।



