Sunday, June 11, 2023

सामाजिक न्याय सद्भावना दिवस 11 जून न्याय के पुरोधा आदरणीय लालू प्रसाद यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। :- बाबुल इनायत

आज कल कुछ नए नौजवान कहते है की लालू जी ने क्या किया ?
तो सुनो !! लालू जी ने बिहार को उबारा है, बिहार के दमित, शोषित लोगो को आवाज दिया है, उन्हें तन कर चलने का साहस दिया है। जिसके सामने आपके बाप दादाओ की औकाद खड़े होने की नही थी , आज उसके सामने आप नजर से नजर मिलाकर बोल रहे है ।
वो लालू प्रसाद यादव जी का देन है ।

वह समय याद करिए जब कर्पूरी ठाकुर जी जैसा गरीबो का मसीहा बिहार में मुख्यमंत्री रहते हुए विधानसभा में अपमानित हुए थे । पटना के चौराहों पर बिहार के मुख्यमंत्री श्री कर्पूरी ठाकुर जी को उनकी मुख्यमंत्री की गाड़ी रोककर गालियां दी गयी थी और कर्पूरी जी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि गालियां देना इनका जन्मसिद्ध अधिकार है और हम लोग गालियां बर्दाश्त करने वाले लोग हैं।

एक वह समय था और एक वह समय आया जब लालू जी जैसा चमत्कारी नेतृत्व कर्पूरी जी के अरमानों को मूर्त रूप देना शुरू किये तो उन गालियां देने वालो की हलक सूख गई और कर्पूरी जी को गालियां देने वाले लालू जी के नेतृत्व में नारा लगाने लगे कि “कर्पूरी तेरे अरमानो को दिल्ली तक पँहुचाना है”....

लालू जी को  पिछड़े-वंचित समाज के लोग जो उन्हें उनके योगदान को जाने बगैर तथा अपने पुरखों की दुर्गति को याद किये बगैर जब दोषारोपित करते हैं तो बड़ी कोफ्त होती है कि ये नई पीढ़ी के बदमिजाज लोग जिन्हें लालू जी के कारण चौराहे पर दबंगो के सामने बोलने की आवाज मिली है वे उसे ही और उनके योगदान को ही भूल गए ?

याद करना होगा 1977 का वह दौर जब बिहार के सामंती प्रबृत्ति के लोग पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री को उनके मुंह पर गालियां देने की हिम्मत रखते थे और 1989 में लालू जी के सामने जमीन पर बैठने में भी गर्व महसूस करने लगे और कर्पूरी ठाकुर जी की संतानों को गले लगाने लगे ।
इसलिए इन्हें कहते हैं:  #सामाजिक_न्याय_के_महानायक_लालू

गरीबों के मसीहा, सामाजिक न्याय के पुरोधा राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री लालू प्रसाद जी का अवतरण दिवस धूमधाम से मनाया गया।

गरीबों के मसीहा, सामाजिक न्याय के पुरोधा राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री लालू प्रसाद जी का अवतरण दिवस धूमधाम से मनाया गया। #सामाजिक_न्याय_के_महानायक_लालू

Saturday, June 10, 2023

लालू प्रसाद यादव जी को 76 वां जन्मदिन मुबारक।

लालू जी के सामाजिक न्याय को यदि समझना है तो उनके ए-टू-जेड की राजनीति को समझिए। बिहार के प्रत्येक जिलों के बड़े नेताओं की राजनैतिक यात्रा देखिए, उनकी यात्रा में लालू जी के योगदान को पढ़िए। 

जब आप नज़र दौड़ाएंगे तो वैशाली में रघुवंश बाबू, सीमांचल में तस्लीमुद्दीन, चम्पारण में सीताराम सिंह, बृज बिहारी प्रसाद और मोतिउर रहमान दिखेंगे। सीवान में शहाबुद्दीन, अवध बिहारी चौधरी। शिवहर में अनवारूल, मिथिला में फातमी और अब्दुल बारी सिद्दीकी दिखेंगे। 

पटना में रामकृपाल, मुजफ्फरपुर में रमई राम, समस्तीपुर में आलोक मेहता, आरा-बक्सर में कांति सिंह और जगदानंद सिंह का प्रभाव दिखेगा। आज बिहार भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में गिने जाने वाले सम्राट चौधरी, संजय जायसवाल और अखिलेश सिंह ने भी राजनीति शुरु करते समय लालूजी की उंगली थामी थी। 

लालूजी समतामूलक समाज के हिमायती थे। उनके पहले कार्यकाल में 22 दलित विधायक जीते थे उनमें से 11 मंत्री  बनाए गए। 12 मुस्लिम विधायक जीते,8 को मंत्री बनाया गया। 18 जीते हुए कुशवाहा विधायकों में से 11 मंत्री बनें। 28 सवर्ण जीते, 18 मंत्री बने। 2 आदिवासी जीते दोनों को मंत्री बनाया। 63 पिछड़े विधायकों में से 31 को मंत्री बनाया। 

सामाजिक न्याय के महानायक का असली समाजवाद यही है। जन्मदिन मुबारक हो महबूब ❤️

आप सवाल पूछते है लालूवाद क्या है.? आज जवाब लीजिए।-आडवाणी की रथयात्रा रोक कर पूरे देश की साम्प्रदायिक ताकतों को चुनौती देना लालूवाद है।-मण्डल की लड़ाई के लिए बिहार जैसे पिछड़े राज्य में सामाजिक न्याय स्थापित करना लालूवाद है।-नालंदा का अतीत समेटकर गुज़ारा करने वाले राज्य में 6 विश्विद्यालय खोलना लालूवाद है।-कमेरा वर्ग को उनके ताकत का अहसास करवाने के लिए कुर्ते के ऊपर बनियान पहनकर जनसभा करना लालूवाद है।-कुम्हार वर्ग को सशक्त करने के लिए रेलवे में बिकने वाली चाय को मिट्टी की कुल्हड़ में अनिवार्य करना लालूवाद है।-एकलव्य का अँगूठा माँगने वाले देश में दलित-पिछड़े-आदिवासी समाज के बच्चों के लिए “पढ़ो या मरो” का नारा देकर चरवाहा विद्यालय खोलना लालूवाद है।-भारतीय वर्ण व्यवस्था में जातिगत अन्याय का प्रतिकार कर समतामूलक समाज की परिकल्पना लालूवाद है।-विदेशी बताकर विरोध झेलती इंदिरा गांधी की बहू के लिए चट्टान की भाँति अड़ जाना लालूवाद है।-सामन्तवाद के सीने पर लात रख के बिहार का मुस्तक़बिल संवार देना लालूवाद है।-वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल होते रहे बिहार के अल्पसंख्यक समाज को मुख्यधारा का हिस्सा बनाना ही लालूवाद है।-90 के दशक में बिहार के विश्विद्यालयों के लिए 156 करोड़ का बज़ट लालूवाद की गवाही देते हैं।-सिर पर मैला ढोने की अमानुषिक प्रथा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान करवाना लालूवाद है।-महिलाओं के लिए माहवारी के दिनों में दो दिनों के अवकाश का प्रावधान करना लालूवाद है।- ताड़ी कर माँफ कर के ताड़ी बेचने वाले पासी समाज को सशक्त करना लालूवाद है। दरअसल, बिहार की जीवनधारा में समाजवादी विचारधारा रखने वाला हर व्यक्ति लालूवादी है। सामन्तवादी, सांप्रदायिक ताकतों से लोहा लेते हुए दलित-पिछड़े-आदिवासी समाज के हक के लिए लड़ने वाला प्रत्येक इंसान लालूवादी है। लालूजी के अलंबरदारों के लिए लालूवाद एक विचारधारा है। पूरे देश को सद्भावना दिवस की शुभकामनाएं।

आप सवाल पूछते है लालूवाद क्या है.? 
आज जवाब लीजिए।

-आडवाणी की रथयात्रा रोक कर पूरे देश की साम्प्रदायिक ताकतों को चुनौती देना लालूवाद है।

-मण्डल की लड़ाई के लिए बिहार जैसे पिछड़े राज्य में सामाजिक न्याय स्थापित करना लालूवाद है।

-नालंदा का अतीत समेटकर गुज़ारा करने वाले राज्य में 6 विश्विद्यालय खोलना लालूवाद है।

-कमेरा वर्ग को उनके ताकत का अहसास करवाने के लिए कुर्ते के ऊपर बनियान पहनकर जनसभा करना लालूवाद है।

-कुम्हार वर्ग को सशक्त करने के लिए रेलवे में बिकने वाली चाय को मिट्टी की कुल्हड़ में अनिवार्य करना लालूवाद है।

-एकलव्य का अँगूठा माँगने वाले देश में दलित-पिछड़े-आदिवासी समाज के बच्चों के लिए “पढ़ो या मरो” का नारा देकर चरवाहा विद्यालय खोलना लालूवाद है।

-भारतीय वर्ण व्यवस्था में जातिगत अन्याय का प्रतिकार कर समतामूलक समाज की परिकल्पना लालूवाद है।

-विदेशी बताकर विरोध झेलती इंदिरा गांधी की बहू के लिए चट्टान की भाँति अड़ जाना लालूवाद है।

-सामन्तवाद के सीने पर लात रख के बिहार का मुस्तक़बिल संवार देना लालूवाद है।

-वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल होते रहे बिहार के अल्पसंख्यक समाज को मुख्यधारा का हिस्सा बनाना ही लालूवाद है।

-90 के दशक में बिहार के विश्विद्यालयों के लिए 156 करोड़ का बज़ट लालूवाद की गवाही देते हैं।

-सिर पर मैला ढोने की अमानुषिक प्रथा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान करवाना लालूवाद है।

-महिलाओं के लिए माहवारी के दिनों में दो दिनों के अवकाश का प्रावधान करना लालूवाद है।

- ताड़ी कर माँफ कर के ताड़ी बेचने वाले पासी समाज को सशक्त करना लालूवाद है। 

दरअसल, बिहार की जीवनधारा में समाजवादी विचारधारा रखने वाला हर व्यक्ति लालूवादी है। सामन्तवादी, सांप्रदायिक ताकतों से लोहा लेते हुए दलित-पिछड़े-आदिवासी समाज के हक के लिए लड़ने वाला प्रत्येक इंसान लालूवादी है। लालूजी के अलंबरदारों के लिए लालूवाद एक विचारधारा है। पूरे देश को सद्भावना दिवस की शुभकामनाएं।

Monday, May 1, 2023

सिवान के पूर्व सांसद डॉ. मो. शहाबुद्दीन साहब के दूसरी यौमे-वफ़ात पर उन्हें खिराजे अकीदत पेश करते हैं, अल्लाह आपको जन्नत में आला मुकाम दे यही दुआ है।

सिवान के पूर्व सांसद डॉ. मो. शहाबुद्दीन साहब के दूसरी यौमे-वफ़ात पर उन्हें खिराजे अकीदत पेश करते हैं, अल्लाह आपको जन्नत में आला मुकाम दे यही दुआ है।।
#शहाबुद्दीन #साहेब #Sahabuddin #Siwan #Saheb #shahabuddin #ShahabuddinSahab

पूर्व सांसद, दूरदर्शी नेता, मरहुम डॉ० मोहम्मद शहाबुद्दीन साहब के दूसरी बरसी पर उनको खिराजे ए अकीदत पेश करता हूँ! अल्लाह आपको जन्नत में आला मकाम आता फरमाए।

पूर्व सांसद, दूरदर्शी नेता, मरहुम डॉ० मोहम्मद शहाबुद्दीन साहब के दूसरी बरसी पर उनको खिराजे ए अकीदत पेश करता हूँ! अल्लाह आपको जन्नत में आला मकाम आता फरमाए!
#sahabuddin #saheb #siwan #शहाबुद्दीन #साहेब

विश्व श्रमिक दिवस राष्ट्रनिर्माण में स्वयं को समर्पित कर देने वाले मेरे सभी भाइयों- बहनों को श्रमिक दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं।

विश्व श्रमिक दिवस राष्ट्रनिर्माण में स्वयं को समर्पित कर देने वाले मेरे सभी भाइयों- बहनों को श्रमिक दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं।
#babulinayat #LabourDay #LabourDay2023 #InternationalWorkersDay #InternationalWorkersDay2023 #MayDay #मजदूर_दिवस

Tuesday, April 25, 2023

राष्ट्रीय जनता दल अररिया के मनोनीत जिला अध्यक्ष श्री मनीष यादव जी एवं जिला प्रधान महासचिव श्री मनोज विश्वास जी को बाबुल इनायत की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई।

राष्ट्रीय जनता दल अररिया के मनोनीत जिला अध्यक्ष श्री मनीष यादव जी एवं जिला प्रधान महासचिव श्री मनोज विश्वास जी को बाबुल इनायत की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई।

Thursday, March 30, 2023

Thursday, January 13, 2022

समस्त जिला वासियों को अररिया जिला स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई ।#HappyBirthDayAraria

समस्त जिला वासियों को अररिया जिला स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई  ।
#HappyBirthDayAraria

Thursday, January 6, 2022

ठंड और तृतीय लहर से बचिए। -बाबुल इनायत

हम नेताओं की चिंता क्यों करें !

हर जगह यही चर्चा है कि मोदी जी की जान को खतरा है। आम जन आरोप प्रत्यारोप में मरे जा रहे हैं। 

प्रैक्टिकली तो भाई लोग ये इन नेताओं की आपसी लड़ाई है बस।  ना ही तो देश की सुरक्षा एजेंसी कमज़ोर हैं और ना ही देश । ये सब सिर्फ सत्ता संघर्ष की रणनीतियाँ हैं, इससे ज़्यादा और कुछ नहीं है। 

अभी फिर से सम्पूर्ण लॉक डाउन लगने के आसार लग रहे हैं। 
याद करो पिछला साल जब आप और हम ऑक्सीजन, बैड, औऱ दवाओं के लिए भटक रहे थे । और सभी पार्टियों के नेता बड़े से बड़े अस्पतालों में अपना और अपने परिजनों का इलाज करा कर अपने बंगलों में दुबके हुए थे ।

पिछला साल क्यों ! अभी का ही देख लीजिए कि स्कूल कॉलेज,बाज़ार सब बन्द कर दिए हैं लेकिन नेताओं की रैलियां और भीड़ जुटाने का काम बदस्तूर जारी है। अगर इनको वाक़ई चिंता होती आपकी हमारी तो सबसे पहले तो रैली ही बन्द करते ।

तो  अगर आप प्रत्यक्ष रूप से इनसे जुड़े नहीं हैं तो इनके पीछे हद से ज़्यादा पिछलग्गू बनना बन्द करें। 

ये सब चोर-चोर मौसेरे भाई हैं।  बस एक दूसरे पे आरोप लगाएंगे, जेल में डालने की बात करेंगे । पर चुनाव के बाद कौन जेल में जाता है, कौन नहीं .. ये सबको पता है !

तो ज़्यादा सीरियस होने की ज़रूरत नहीं है । सीरियस होइये तो अपने और अपने परिवार के लिए ।

ठण्ड और तृतीय लहर से बचें रहें।
- बाबुल इनायत 

बाबुल इनायत फाइल फोटो

Follow Us :-  Facebook , Twitter , Instagram