Wednesday, March 25, 2020

राजद विधायक अनिल यादव ने 25 लाख रुपया दिया बिहार सरकार को।



एक नेता कैसा होना चाहिए?
सबसे पहले तो नेता का सवेंदनशील होना बहुत जरूरी है, दूसरा जनता के प्रति ईमानदारी और समपर्ण, तीसरा निरंतर विकास की धारा में सबको साथ लेकर चलने की क्षमता, चौथा बेहतर संवाद करने की क्षमता, पांचवां और आखिरी महत्वपूर्ण गुण है कि वो जुमलेबाज न हो!
मुझे फक्र है कि जब बिहार के डॉक्टरों एवं जनता पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट की नाकाफी से भयभीत हैं और आलोचना से मुख्यमंत्री के चेहरे पर बेबसी झलकती हो
उस दौर में एक विधानसभा के विधायक का अपने जनता हेतु विधायक कोष से 2500000 रु खर्च कर अपने क्षेत्र की जनता के बीच मास्क और सेनिटाइजर/साबुन बंटवाने एवं थर्मल स्कैनर की पर्याप्त व्यवस्था करने को पहल करना एवं अपना एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देना वाकई काबिलेतारीफ है।
उनका ये प्रयास संवेदना की कड़ी में बिहार के एक बेबस मुख्यमंत्री के कद से भी बड़ा प्रतीत होता है। ऐसे सिपाही सिर्फ राजद पैदा कर सकता है। आप भी जानिये हमारे विधायक श्री अनिल कुमार यादव जी को, आपको थोड़ी सन्तुष्टि मिलेगी कि व्यवसायीकरण के इस युग मे इंसानियत आज भी जिंदा है। विधायक जी को दिल से शुक्रिया एवं आभार! 🙏❤️
हमे पता है इतना रकम काफी नही है इसलिए मैं अपने विधानसभा के सभी पंचायत प्रतिनिधियों से भी गुजारिश करना चाहता हूं कि आप भी आगे आयें और जनता की मदद करें। ऐसे वक्त में मानवता के लिये किया गया हर कार्य आपके द्वारा किये गये बड़े बड़े यज्ञ अनुष्ठानों से ज्यादा पुण्यदायी है। जो पंचायत प्रतिनिधि चुनाव के समय दारू बांटते हैं उनके लिये समय अभी मास्क और सेनिटाइजर बांटने का है। उन्हें सबसे पहले ये कार्य करना चाहिये। लोग भी घर मे रहकर यथासम्भव सहयोग और कोशिश कर रहे हैं।
बाकि हमारे सांसद महोदय के बारे में मत पूछिये वो किसी की नही सुनते और उनके द्वारा इस तरह की कोई ठोस पहल सामने नही आया है, हां, एक दिन वो फसेबूक लाइव के जरिये जागरूकता जरूर फैला रहे थे, उन्हें भी कोरोना का डर होगा इसलिए शायद घर से नही निकलते होंगे। वैसे जानकारी के लिये बता दूं सांसद जी भाजपा से हैं, और भाजपाई का नाम चैरिटी में कम और चरित्रनग्नता में ज्यादा उछलता है। इसलिये उन्हें दूर से ही नमस्कार कीजिये।
कोरोना के इस महामारी से लड़ने वाले नेताओं के फ़ेहरिश्त में हमारे विधायक जी का नाम जरूर याद रखियेगा। सब याद रखा जायेगा। खुलकर धन्यवाद दीजिये विधायक जी को।

Monday, January 6, 2020

न कश्चित कस्यचित मित्रं न कश्चित कस्यचित रिपु:। व्यवहारेण जायन्ते, मित्राणि रिप्वस्तथा।।

न कश्चित कस्यचित मित्रं न कश्चित कस्यचित रिपु:।
व्यवहारेण जायन्ते, मित्राणि रिप्वस्तथा।।

अर्थ – न कोई किसी का मित्र होता है। न कोई किसी का शत्रु। व्यवहार से ही मित्र या शत्रु बनते हैं।



Tuesday, December 31, 2019

NRC CAA CAB


ये मेरे देश के युवा हैं। मेरे शहर के युवा हैं। मेरे घर के युवा हैं.. अदरवाइज भले और मासूम व्यक्तित्व हैं।

देश की आबादी का कोई 60 प्रतिशत युवा है। बांकेलाल के 37% समर्थकों में आधे यही युवा हैं, याने कोई 15 से 18% युवा ऐसी तख्तियों के साथ घूम रहे हैं। उग्रता के साथ हर किस्म की सरकारी बेहयाई के समर्थन में कुतर्क करते, तब कहाँ थे.. का नारा बुलंद करते देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए प्राण देने-लेने को तैयार हैं।

अधिकांश गरीब परीवारों से हैं, अर्ध शिक्षित हैं, वित्तीय रूप से परिवार और बाहरी औचक कमाई पर निर्भर हैं। किसी काम धन्धे का अनुभव नही, पारिवारिक जिम्मेदारी का अनुभव नही, भविष्य की कोई योजना नही, कोई खाका नही। मोबाइल उठाकर देखिए , कम से कम 50 व्हाट्सप ग्रुप्स के सदस्य हैं। सबमें बराबर सक्रिय हैं। इस तरह की तख्तियों और पोस्टो में जो रिलीज किया जाता है, वो दो लाइने भी स्वरचित नहीं, कॉपी पेस्ट है।

"कैच देम यंग" की नीति के साथ, इनके दिमागों में जो ठूंसा गया है.. वो इन्हें और इनके परिवेश को तबाह कर रहा है। इस तबाही का दायरा बढ़ाने के लिए हर सम्भव प्रयास करते हैं, और शाबासी पाते हैं। अपने भविष्य से बेपरवाह युवा, फासिज्म के रास्ते देश का भविष्य बनाने निकला है।

जी हां, सुप्रीम लीडर को "निपट लेंगे" "निपटा देंगे" का आश्वासन देने वाला मिलिशिया फासिज्म का इंटीग्रल हिस्सा होता है, जरूरी हिस्सा होता है। इतिहास गवाह है कि फासिज्म उन्हीं के बूते बढ़ता और चढ़ता है।

भाजपा एक बेहतरीन पार्टी हुआ करती थी। नीतियों से असहमत हुआ जा सकता था, मगर सामुदायिक नेतृत्व और विचार विमर्श से बढ़ने वाली संस्कृति कभी सिर्फ भाजपा में थी। मगर अब वह मुंजे के जमाने की पुरातन जड़ों की ओर लौट चुकी है। प्रतिगामी राजनीति का कोई युवा पहरुआ आपके अपने घर मे हो, तो उसे बिठायें, समझाएं। ये वक्त नाजुक है, इस वक्त युवा जोश नही, बल्कि इतिहास, समाजशास्त्र और प्रशासन का अनुभव रखने वाले अनुभवियों के होश की जरूरत है। ईश्वर से प्रार्थना है कि इन पर प्रभाव रखने वाले किसी अनुभवी तक ये बात पहुंचे, जो इन युवाओं को बिठाकर समझाए।

Thursday, December 19, 2019

CAA NRC मुस्लिमों को ही बस परेशान करेगा....अगर कोई ऐसा सोच रहे हैं तो वो आपका भ्रम है!

#CAA_NRC मुस्लिमों को ही बस परेशान करेगा....अगर कोई ऐसा सोच रहे हैं तो वो आपका भ्रम है!

इसका असर हर किसी पर पड़ेगा चाहे वो हिन्दू हो या मुस्लिम या कोई अन्य धर्म के!

इसका उदाहरण "असम" है जहाँ कई अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाए!

कृपया इसे पूरा पढ़िए व ज़्यादा से ज़्यादा फैलाइये!




Wednesday, December 11, 2019

NRC CAB पर युवाओं किया करे: - बाबुल इनायत



युवा साथियों /बुद्धिजीवियों / देश प्रेमियों. 

जो लोग बचपन में ये सपना देखते के अगर आजादी से पहले मैं भी पैदा होता तो मैं भी गाँधी,नेहरू और आजाद के तरह स्वतंत्रता सेनानी हो कर अमर हो जाता, उनके लिए अच्छा मौका है..

उन्हें बता दूं के देश दुबारा गुलाम हो चुका है, संविधान का कोई मूल्य नहीं रहा..
संविधान का पहला पेज (Preamble) को ही नकार दिया गया है.. 
अब देश केवल गुंडों वालों स्टाइल में चलाया जा रहा है.अब संविधान नहीं रहा..

ग़ुलामी का मतलब ये नहीं के आप को आप के घर में ताला लगा कर बंद कर के ही साबित किया जाए के आप गुलाम हैं .. वैसे कश्मीर और आसाम में ऐसा भी हो चुका है.. क्या आप भी इसी इंतज़ार में हैं.??

आसाम में कर्फ्यू लगा कर आवाज़ दबा दिया गया है.. लोग रो रहे हैं.. ये लोग पूरे देश को पुकार रहे हैं.. आप को पुकार रहे हैं.

आप की बारी आए उससे पहले स्वतंत्रता सेनानी बन कर देश को 2 तानाशाह से आज़ाद करा लें. वैसे आप के प्रेशर के कारण जय चंद और मीर जाफर जैसे लोग घरों में दुबक चुके हैं..

लड़ाई बहुत मुस्किल भी नहीं है.. #बुद्धिजीवियों से अनुरोध है के अपने बच्चों को प्रोत्साहित करे इस लड़ाई के लिए.  अब केवल सोशल मीडिया से काम नहीं चलेगा.

ये वक़्त आपसी मत भेद भुलाने का है, बिना कोई स्वार्थ और बैनर के इस लड़ाई को अन्जाम तक पहुंचाए।

फिर भी आप में किसी को किसी से कोई दिक्कत या किसी पे कोई शक है तो इग्नोर कीजिए और आप अलग ही सही  अपने स्तर से कुछ ना कुछ बड़ा किजिये, आंदोलन किजिये..

रोड़ पे उतर जाएं तभी इतिहास  आप को दिल में उतारेगी।

आज के दौर के स्वतंत्रता सेनानी बने....


Thursday, September 5, 2019

जिस देश की पुलिस जंग लगा तमंचा या गांजे की पुड़िया की फर्जी बरामदगी दिखाकर किसी को भी जेल भेज देती है,उस देश की पुलिस से आप ट्रैफिक चालान काटने में ईमानदारी की उम्मीद कैसे कर सकते हैं ? शुरुआत में एम वी एक्ट में बड़े बड़े चालान बड़ी ईमानदारी से काटे जाएंगे। इतना ज्यादा कि जनता में ट्रैफिक चालान के नाम पर दहशत फैल जाएगी। महानगरों में फोटोयुक्त ई- चालान और छोटे शहरों,कस्बों में नाम,जाति,धर्म चेक करके एमवी एक्ट की धाराएं तय की जाएंगी। असली खेल तो 3 महीने बाद शुरू होगा। पूरा का पूरा सिस्टम सरकार के इस फैसले से अपार हर्षित है। याद रखिये ये उसी देश की पुलिस है,जो फर्जी केस बनाने और फर्जी एनकाउंटर के लिए कुख्यात है। दरोगा लोगों की तो निकल पड़ी। आम पब्लिक के लिए तो ये सब भी राष्ट्रवाद की श्रेणी में आ गया है। नियमो का पालन कीजिये और चालान से बचिए,जैसे नैतिक वाक्य भी खूब बोले जा रहे हैं। गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल पर बात करना या न करना कैसे साबित करोगे ? प्रदूषण प्रमाणपत्र से लेकर चप्पल पहन कर गाड़ी चलाने,नम्बर प्लेट के मानक जैसे तमाम पेंच हैं जिनके बारे में पब्लिक को पता ही नही है। जिसको नापना होगा उसके पास हजार तरीके हैं। आप अपनी नैतिकता का अचार बना कर रखे रहिये। सऊदी अरब के कड़े नियमो का हवाला देकर भारत से तुलना करने वालों का इस पोस्ट पर विशेष स्वागत है ! लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने के लिए इसीतरह के छोटे छोटे प्रयोग कर जनता की सहन शक्ति परखी जाती है। अभी आप नही समझ रहे हैं !

Wednesday, September 4, 2019

आज बिहार लेनिन बाबू जगदेव की पुण्यतिथि है।
जगदेव बाबू ने कहा था, "जिस लड़ाई की बुनियाद आज मैं डाल रहा हूं, वह लम्बी और कठिन होगी। इसमें पहली पीढ़ी के लोग मारे जाएंगे, दूसरी पीढ़ी के लोग जेल जाएंगे तथा तीसरी पीढ़ी के लोग राज करेंगे। जीत अंततोगत्वा हमारी ही होगी"।

वो कितना सच कहते हैं, "दस प्रतिशत शोषकों के जुल्म से छुटकारा दिलाकर नब्बे प्रतिशत शोषितों को नौकरशाही और जमीनी दौलत पर अधिकार दिलाना ही सामाजिक न्याय है।"

उनके इंकलाबी नारों को कौन भूल सकता है:

"सौ में नब्बे शोषित हैं, शोषितों ने ललकारा है
धन-धरती और राजपाट पे नब्बे भाग हमारा है।"

"पहली पीढ़ी के लोग मारे जाएंगे, दूसरी पीढ़ी के लोग जेल जाएंगे, और तीसरी पीढ़ी के लोग राज करेंगे।"


ज़ाहिर सी बात है कि जगदेव बाबू मारे गए, लालू जी जेल में हैं, और हम तीसरी पीढ़ी के लोग संघर्षरत हैं, ज़माना बदलेगा।

बड़े अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है कि जिस रामाश्रय सिंह ने बिहार लेनिन आदरणीय जगदेव प्रसाद कुशवाहा जी को लाठियों से पीट-पीटके मार दिया, सड़क पर घसीटा, प्यास लगने पर मुंह पर पेशाब कर दिया था, उसी गुंडे रामाश्रय सिंह को नीतीश जी ने संसदीय कार्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री बना दिया था। इतना ही नहीं, नीतीश जी ने रामाश्रय सिंह की प्रतिमा भी लगवा दी। ये कोयरी-कुर्मी के कैसे हितैषी नेता हैं भाई?

इसलिए, सत्ता में भले समाज की पीठ में छूरा भोंकने वाले बैठ जाएँ, शोषकों के ख़िलाफ़ शोषितों की लड़ाई जारी रहेगी।

अमर शहीद जगदेव बाबू को शत-शत नमन!










Friday, July 5, 2019

राष्ट्रीय जनता दल 23 वाँ स्थापना दिवस

तारीख 05 जुलाई 1997 को सामाजिक न्याय के नए अध्याय की शुरुआत हुई थी। इसी दिन राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना हुई थी। 05 जुलाई 2019 को राजद अपने स्वर्णिम 23 वें वर्ष में प्रवेश कर गया।

इतने वर्षों में न श्री लालू यादव जी झुके, न राजद परिवार झुका। सामाजिक न्याय, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक के कल्याण का संघर्ष आज भी जारी है।

इस ऐतिहासिक सफर में फासीवादी ताकतें, सामंती, ब्राह्मणवादी, गरीब विरोधी लोगों ने हर संभव झुकाने की कोशिश की। हम लड़ते रहे, जीतते रहे।

हमारी विचारधारा की नींव इतनी मजबूत है कि कोई हमे हिला नहीं सका। हम प्रतिबद्ध हैं। हम लक्ष्य प्राप्त करेंगे। आज हमारा दौर संघर्ष का है। संघर्ष कभी बेकार नहीं जाता।

हम इस देश के भीतर, बिहार के भीतर सामाजिक न्याय की परिकल्पना को साकार करेंगे। जरूरत है सिर्फ आप सभी राजद के सिपाही, सामाजिक न्याय के पक्षधर लोग अपना हौसला बनाएं रखें।

राजद ने आज 23 वें वर्ष में प्रवेश किया है। यह  कठिन तपस्या का परिणाम है। हमे सफलता - असफलता सब मिली। राजद ने इतिहास लिखा है। सभी अनुभवों से सीखकर हम आगे भी इतिहास लिखेंगे। राजद समझौता की पार्टी नहीं है। यह विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध जनता की पार्टी है। आइए नए सुबह के लिए राजद को और मजबूत बनाएं, राजद से जुड़ें, राजद को प्यार दें। लालू जी के सपनों को साकार करें।
- बाबुल इनायत


Sunday, May 5, 2019

हम एक है, हम साथ है, बिहार के बेहतर कल के लिए।।

कल पांचवे चरण का मतदान है। यह आपका अधिकार है। आप इसे दंगाई, नफरत के पैरोकार, चोर, लुटेरे, संघी, फसादी, गोधरा के दोषी, तड़ीपार, गुजराती व्यापारी, रफाल के घोटालेबाज, सृजन का आरोपी, बालिका गृह कांड के जिम्मेदार, पलटूवा, छुलछुल मोदीया के भाषणों और जाल में फंस के बर्बाद करने की भूल नहीं करना।

जरा भी कोई भटकाने की कोशिश करे तो लालू जी के उस तौलिए को याद कर लीजिएगा जो उनके कंधे पर होता है। सालों - साल गाँव - गाँव,  गली - गली उन्होंने आपके लिए पसीना बहाया। अपने उस तौलिए से पसीना पोछ लिया और फिर सामाजिक न्याय के लिए लड़ने निकल पड़े।

जब भी कोई भटकाए तो याद कर लीजिएगा लालू जी ने कितनी सादगी से आपके घरों में बैठकर सत्तू खाया। कैसे मुनिया, बेटी को दुलारा, कैसे आपके हक के लिए संघर्ष किया।

आज भी वे आपके लड़ाई और संघर्ष के प्रति बीमारी के बावजूद भी गंभीर हैं। आप उन्हें अपना प्यार दीजिए। आपका प्यार, समर्थन उन्हें ताकत देगा।

आप तेजस्वी के भी उस छोटे गमछा को भी याद कीजिएगा जो उन्होंने अपने कंधे पर रखा है। यह गमछा इस बात का परिचायक है कि हम धूप में खटने वाले लोग हैं, हम मेहनत और संघर्ष में विश्वास करते हैं। आप सब बस एक बार अपने आंखों के सामने लालू जी, राबड़ी जी, तेजस्वी का चेहरा अपने आंखों के सामने रखिए और कल वोट दीजिए।

राजद को जम के, गरदा उड़ा के वोट करें। महागठबंधन को धमाकेदार जीत दें। दंगाईयों को हराकर उनके अस्तित्व का दफन करें।

हम एक है, हम साथ है।
बिहार के बेहतर कल के लिए।।
जय राजद, जय बिहार, जय महागठबंधन।










Friday, April 12, 2019

अररिया भाजपा प्रत्याशी प्रदीप सिंह का विवादित ऑडिओ वायरल।

सच्चाई छुप नही सकती है बनावट के उसूलों से,
खुश्बू आ नही सकती है कागज के फूलों से!

मित्रों ये हैं हमारे जिले के भाजपा सांसद प्रत्याशी प्रदीप कुमार सिंह, अपने प्रचार हेतु एक कार्यकर्ता से इनकी फोन पर हुई बात रिकॉर्ड हो गया और वायरल हो गया। बातचीत में इन्होंने सीधे सीधे अपने क्षेत्र के यदुवंशियों को सरेआम गाली दिया है। अपने कार्यकर्ता से कहा है कि हिंदुत्व के नाम पर हंगामा खड़ा करना है 25-50 मोटरसाईकल लेकर, जो वोट नही दे उनके गां* फूला दो।

आप इस वीडियो को देखिये और आपको स्वतः पता चल जायेगा कि भाजपा से तमाम बुद्धिजीवी वर्ग क्यों नफरत करते हैं। बातचीत का कुछ हिस्सा स्थानीय भाषा मे है इसीलिए मैं इसे हिंदी में वर्णित कर रहा हूं। अररिया की जनता इस सायकल चोर से दूर रहे और एक भी यदुवंशियों का वोट इस कायर को न जाये। इनका जेनऊ लीला बहुत है जानेंगे तो और बौखला जायेंगे। फिर भी एक तथ्य जरूर बताऊंगा इनके बारे में जिससे आपको पता चल जायेगा कि कितना नीच सोच रखते हैं भाजपाई!
अब बातचीत का अंश, सांसद प्रत्याशी के दूत अपने एक समर्थक को फोन घुमाते हैं..

दूत- हेलो! कमलेश भैया?
कमलेश - हाँ!
दूत- प्रदीप चचा बात करना चाहते हैं आपसे।
कमलेश- हे रखो अभी..
इसी बीच दूत सांसद प्रत्याशी को फोन पकड़ा देता है..
प्रत्याशी- कमलेश जी?
कमलेश - हाँ, प्रणाम!
प्रत्याशी-खुश रहिये। कमल खिलेगा कि नही?
कमलेश-खिलेगा जरूर, इस बार नही खिलेगा तो कब खिलेगा?
सांसद-जो बोले लालटेन उसको कहो भारत माता की जय ..
कमलेश खिलखिलाकर- हां, जय..हाहाहा..
प्रत्याशी- मारो साले को जो लालटेन बोलता है, गां* तोड़ देना है साले का..
कमलेश- हां, सही बात है.. हाहाहा..
प्रत्याशी-गौर से सुनो कमलेश, जितने नवयुवक हो न तुमलोग...गमछा पट्टा भगवा वाला..
कमलेश-हां हां..
प्रत्याशी- माथा में तिलक...कम से कम 25-50 मोटरसायकल लेकर पूरा हिंदूवाद वाला छवि बनाना है , एकदम लोगों में फैलाना है कि हिन्दू की रक्षा करना है, हिन्दू को बचाना है और नही तो अररिया को पाकिस्तान बनने नही देना है..
कमलेश सिर्फ हां में हां मिलाता है।
प्रत्याशी- पूरा ये सब हंगामा करना है, भारत तेरे टुकड़े नही होने देंगे..
कमलेश-हां..
प्रत्याशी- अयोध्या बाबू कहाँ हैं?
कमलेश-वो पटना गये हैं कल ही। परसों आ जाएंगे।
प्रत्याशी-तब तुम बैठे मत रहना, अलग जगह पर घूमते रहो।
कमलेश- हां , एकदम!
प्रत्याशी-यादवे सब इस बार उनको वोट देगा।
कमलेश-हां, इसबार वो लोग का मोटिव पेलल(तगड़ा और स्पष्ट) है..
प्रत्याशी-पेलते रहिये..

दूत फोन लेता है- आपके पास नम्बर है न इनका बात करते रहिएगा। .. हां हां..



अब आप ही बताईये कैसे समर्थन दे अररिया की जनता ऐसे जाहिल सांसद प्रत्याशी को? इस बार चोर और दंगाइयों को साफ करना है, अररिया के भी यदुवंशी इनको वोट न दें , इन्हें इनकी असली जगह पर भेज दें। समाज को बचाना है तो ऐसे साम्प्रदायिक जहरीले सांप का डंक ही तोड़ना होगा।

आक थू..


Wednesday, April 10, 2019

Babul Inayat: न किसी यादव सम्मेलन में गया, न भूराबाल साफ करो कह...

Babul Inayat: न किसी यादव सम्मेलन में गया, न भूराबाल साफ करो कह...: लालू यादव भारतीय लोकतंत्र का चमत्कार भी हैं और एक पहेली भी. उनके जीवन को समझिए खुद उनके नजरिए से, क्योंकि उन्होंने पहली बार अपनी आत्...