Thursday, September 7, 2023

मेहनत तो हर फील्ड में करनी पड़ेगी दोस्त बेकार पड़े रहने से तो लोहे में भी जंग लग जाता है।

मेहनत तो हर फील्ड में करनी पड़ेगी दोस्त बेकार पड़े रहने से तो लोहे में भी जंग लग जाता है।


Wednesday, September 6, 2023

डॉक्टर जाकिर हुसैन

डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन, भारत के एक ऐसा अज़ीम शख़्स का नाम है, जिसने अपना पूरा जीवन तालीम के लिए वक़्फ़ कर दिया। 1920 में जब वो महज़ 23 साल के थे तब जामिया मिल्लिया इस्लामिया की अलीगढ़ में बुनियाद डालने में सबसे अहम रोल अदा किया।

1926 के दौर में जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया बंद होने के हालात पर पहुँच गई तो ज़ाकिर हुसैन ने कहा “मैं और मेरे कुछ साथी जामिया की ख़िदमत के लिए अपनी ज़िन्दगी वक़्फ़ करने के लिए तैयार हैं. हमारे आने तक जामिया को बंद न होने दिया जाए.” जबकि उस वक़्त वो जर्मनी में पीएचडी कर रहे थे।

और 1926 में डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन अपने दो दोस्त आबिद हुसैन व मुहम्मद मुजीब के साथ जर्मनी से भारत लौटकर जामिया मिल्लिया इस्लामिया की ख़िदमत में लग गए। डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन 29 साल की उमर में 1926 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के वाइस चांसलर बने और 1948 तक इस पद पर रहे।

इस दौरान पूरे भारत में अब्दुल मजीद ख़्वाजा के साथ पूरे भारत का दौरा कर जामिया मिलिया इस्लामिया के लिए चंदा जमा किया और उसके लिए ओखला में अलग से ज़मीन ख़रीदी। 

1 मार्च, 1935 को जामिया के सबसे छोटे छात्र अब्दुल अज़ीज़ के हाथों ओखला में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पहली बिल्डिंग की बुनियाद गई। जामिया के सबसे छोटे बच्चे के हाथों नींव रखवाने का ये आईडिया डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन का ही था। ज़ाकिर हुसैन का ये आईडिया गांधी जी को भी ख़ूब पसंद आया। 

प्राइमरी एजुकेशन की मुहीम चलाई और चालीस के दहाई में हिंदुस्तानी तालीमी संघ के जलसों में लगातार सक्रिय रहे। इसके बाद दिसंबर 1948 को इंडियन यूनिवर्सिटीज़ कमीशन के मेम्बर बने। भारत के बँटवारे के बाद जब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बंद होने के हालत में पहुँच गई तब उसे बचाने के लिए वहाँ गए और नवम्बर 1948 से सितम्बर 1956 तक वहाँ के वाइस चांसलर रहे।
इसी दौरान 1950 में डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सर्विस के चेयरमैन बने। 

1957 में बिहार के गवर्नर बना कर भेजे गए, इस तरह से वो ख़ुद ब ख़ुद पटना यूनिवर्सिटी के चांसलर बन गए, क्यूँकि पटना यूनिवर्सिटी का चांसलर बिहार का गवर्नर होता है। वहाँ भी वो लगातार शिक्षा के लिए काम करते रहे। उन्होंने नेत्राहाट स्कूल से लेकर ख़ुदाबख़्श लाइब्रेरी के फ़रोग़ के लिए निजी तौर पर इंट्रेस्ट लिया। देसना की तारीख़ी अल इस्लाह लाइब्रेरी की किताबें उनकी वजह कर ही बच पाई। 

1962 तक डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन पटना यूनिवर्सिटी के चांसलर और बिहार के गवर्नर रहे और फिर 13 मई 1962 को भारत के दूसरे उपराष्ट्रपति बने। शिक्षा से जुड़े प्रोग्राम में लगातार जाते रहे। फिर 1963 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के चांसलर बने और इसी पद पर रहते हुवे 13 मई 1967 को भारत के राष्ट्रपति बने और अपनी आख़री साँस तक भारत के राष्ट्रपति और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के चांसलर के पद पर रहे। 3 मई 1969 तक डॉक्टर ज़ाकिर हुसैन का इंतक़ाल हुआ, उन्हें उनके बनाए हुवे इदारे जामिया मिल्लिया इस्लामिया में दफ़न कर दिया गया।

Tuesday, September 5, 2023

कृषकों के आर्थिक आमदनी में वृद्धि, जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव में कमी एवं उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति करने हेतु निजी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए बाँस की टिशु कल्चर तकनीक द्वारा तैयार विभिन्न उपयोगी उन्नत प्रजातियाँ उपलब्ध कराये जायेंगे।अधिक जानकारी के लिए कॉल करें: 0612-2226911/9473045992 (कार्यालय अवधि में)आवेदन पत्र भरकर, स्थानीय वन प्रमण्डल या वन प्रक्षेत्र कार्यालय में सुरक्षित राशि ₹10/- प्रति पौधा के साथ समर्पित करें या hariyalimission@gmail.com पर ई. मेल करें।

कृषकों के आर्थिक आमदनी में वृद्धि, जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव में कमी एवं उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति करने हेतु निजी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए बाँस की टिशु कल्चर तकनीक द्वारा तैयार विभिन्न उपयोगी उन्नत प्रजातियाँ उपलब्ध कराये जायेंगे।
अधिक जानकारी के लिए कॉल करें: 0612-2226911/9473045992 (कार्यालय अवधि में)
आवेदन पत्र भरकर, स्थानीय वन प्रमण्डल या वन प्रक्षेत्र कार्यालय में सुरक्षित राशि ₹10/- प्रति पौधा के साथ समर्पित करें या hariyalimission@gmail.com पर ई. मेल करें।

Monday, September 4, 2023

राष्ट्रीय जनता दल के 27 वाँ स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

समाजवादी समर की उपज है हमारी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल,आपातकाल के आग में तपे लालू जी के तप का प्रतिफल है राजद। 

राजद एक राजनीतिक पार्टी मात्र नही,न ही इस दल का उद्देश्य केवल चुनाव में बहुमत लेकर सरकार बनाना है,बल्कि यह तो 90 के दशक में बिहार में सामाजिक क्रांति की सूत्रधार है,यह दल उनकी आवाज है जिनकी आवाज आज तक अवरोधित थी,राजद समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की अभिव्यक्ति है, राजद बिहार का वह दल है जिसने समाजवादी धारा को प्रवाहित करने का काम पूरे देश मे किया,राजद अकलियतों की आवाज है,राजद शोषितों की शान है,वंचितो का अधिकार है,सामंतीयो की शामत है,राजद एक दल नही एक विचारधारा है,जिसके आधार में लोहिया व जयप्रकाश के विचार स्थापित है। 

यह पार्टी न होती तो  गरीब वंचित शोषित आज समाज की मुख्यधारा में न होता,पार्टी के 27 वीं स्थापना दिवस की सभी नेता एवं कार्यकर्ताओं को दिल से मुबारकबाद। 
मुझे गर्व है मैं राजद का समर्थक हूँ। 

                                         बाबुल इनायत
                                       9507860937
         सोशल मीडिया प्रभारी राष्ट्रीय जनता दल अररिया बिहार

बिहार राज्य फसल सहायता योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक किसानों द्वारा निःशुल्क आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड किये जायेंगे। आवेदन ऑनलाइन करने के लिए वेबसाइट पर विजिट करें https://state.bihar.gov.in/cooperative

बिहार राज्य फसल सहायता योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक किसानों द्वारा निःशुल्क आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड किये जायेंगे। 
आवेदन ऑनलाइन करने के लिए वेबसाइट पर विजिट करें
https://state.bihar.gov.in/cooperative

यह योजना रैयत, गैर रैयत तथा आंशिक रूप से रैयत एवं गैर रैयत दोनों श्रेणी के किसानों के लिए है ।20% तक क्षति होने पर 7500 प्रति हेक्टेयर20% से अधिक क्षति होने पर 10000 प्रति हेक्टयरऑनलाइन करने के लिए वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/cooperative पर विजिट करें टॉल फ्री नंबर - 18001800110

यह योजना रैयत, गैर रैयत तथा आंशिक रूप से रैयत एवं गैर रैयत दोनों श्रेणी के किसानों के लिए है ।

20% तक क्षति होने पर 7500 प्रति हेक्टेयर

20% से अधिक क्षति होने पर 10000 प्रति हेक्टयर

ऑनलाइन करने के लिए वेबसाइट
https://state.bihar.gov.in/cooperative पर विजिट करें 

टॉल फ्री नंबर - 18001800110

किसान भाइयों आप "बिहार राज्य फसल सहायता योजना" के अंतर्गत खरीफ 2023 मौसम हेतु ऑनलाइन निःशुल्क आवेदन करें। आवेदन की अंतिम तिथि - 31 अक्टूबर 2023आवेदन के समय किसानों के द्वारा फसल एवं बुआई के रकबा की जानकारी दी जानी आवश्यक है।

किसान भाइयों आप "बिहार राज्य फसल सहायता योजना" के अंतर्गत खरीफ 2023 मौसम हेतु ऑनलाइन निःशुल्क आवेदन करें। 
आवेदन की अंतिम तिथि - 31 अक्टूबर 2023
आवेदन के समय किसानों के द्वारा फसल एवं बुआई के रकबा की जानकारी दी जानी आवश्यक है। Https://www.Facebook.com/babulinayat

Sunday, July 23, 2023

खाब्दह वार्ड संख्या 15 निवासी मोइनुद्दीन साहब के साहबजादे मोकिम मिस्त्री के भतीजे फिरोज साहब के छोटे भाई मौलाना सदरे आलम साहब का आज दिनांक 24/07/2023 रात करीबन 12:08 Am बजे इंतकाल कर गए।

इंतिहाई अफसोस के साथ ये खबर दी जाती है हमारे पंचायत खाब्दह वार्ड संख्या 15 निवासी मोइनुद्दीन साहब के साहबजादे मोकिम मिस्त्री के भतीजे फिरोज साहब के छोटे भाई मौलाना सदरे आलम साहब का आज दिनांक 24/07/2023 रात करीबन 12:08 Am बजे इंतकाल कर गए। अल्लाह मरहूम को जनत्तुल फिरदोश में आला से आला मकाम अता फरमाए घर वालों को सब्र जमील अता फरमाए। आमीन Facebook instagram Twitter
जनाजे की नमाज जोहर के नमाज के फौरन बाद तकरीबन दोपहर 2 बजे बड़ी कब्रिस्तान गोहाटी में अदा की जाएगी। आप सभी हजरात जरूर शिरकत करें।
मौलाना सदरे आलम साहब का फाइल फोटो 

Tuesday, July 4, 2023

राष्ट्रीय जनता दल के 27 वां स्थापना दिवस 5 जुलाई 2023 के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय जनता दल अररिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आपका हार्दिक अभिनन्दन है।


राष्ट्रीय जनता दल के 27 वां स्थापना दिवस 5 जुलाई  2023 के शुभ अवसर पर  राष्ट्रीय जनता दल अररिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आपका हार्दिक अभिनन्दन है। 

पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम के पश्चात् नवगठित जिला कार्यकारिणी की प्रथम बैठक इसी पावन दिन पर आहुत की गई है जिसमें जिला के नवमनोनीत पार्टी पदाधिकारी, प्रखंड व नगर अध्यक्ष, विशेष आमंत्रित सदस्य, जिला कार्यकारिणी सदस्य, सभी प्रकोष्ठों के सम्मानित जिलाध्यक्ष व प्रदेश पदाधिकारीगण के अलावा वरीय नेतागण सादर आमंत्रित हैं। 

कार्यक्रम में बिहार सरकार के माननीय आपदा-प्रबंधन मंत्री श्री शहनवाज़ आलम, पूर्व सांसद श्री सुकदेव पासवान, पूर्व सांसद श्री सरफ़राज़ आलम, पूर्व विधायक श्री अनिल कुमार यादव, राजद प्रदेश महासचिव श्री अरुण यादव, राजद जिला अध्यक्ष श्री मनीष यादव जी, पूर्व जिलाध्यक्ष सह प्रदेश सचिव श्री सुरेश पासवान, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री विश्वमोहन यादव सहित पार्टी के वरीय नेतागण उपस्थित रहेंगे। 

नव मनोनीत जिला कमिटी के पदाधिकारियों, प्रखंड एवम् नगर अध्यक्षों तथा सभी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्षों को सर्टिफिकेट व पार्टी का गमछा व टोपी पहनाकर सम्मानित किया जाएगा।

नोट:- स्थापना दिवस के पावन अवसर पर जिला राजद कार्यालय, अररिया का उद्घाटन भी माननीय वरिष्ठ नेताओं के कर-कमलों से किया जाएगा। 

स्थान : राजद जिला कार्यालय, अररिया-रानीगंज रोड, नियर अररिया कालेज, अररिया।
दिनांक :- 05.07.2023
समय   :- सुबह 11 बजे से।

                   बाबुल इनायत
सोशल मीडिया प्रभारी राष्ट्रीय जनता दल अररिया 

Wednesday, June 14, 2023

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

अपने शानदार अभिनय से करोड़ो दिलों पर राज करने वाले बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।  

Monday, June 12, 2023

आधी रात में मां की नींद खुल गई थी और बेटे को बहू के कमरे की बजाय अपने बिस्तर पर बच्चों की तरह आड़ा-तिरछा लेटा हुआ पाकर आज फिर उसका दिल आशंकाओं से भर उठा था....

आधी रात में मां की नींद खुल गई थी और बेटे को बहू के कमरे की बजाय अपने बिस्तर पर बच्चों की तरह आड़ा-तिरछा लेटा हुआ पाकर आज फिर उसका दिल आशंकाओं से भर उठा था....
बेटे के सर के नीचे एक तकिया लगा उसके माथे को सहलाते हुए वह धीरे से बुदबुदाई -अब तू कुछ परेशान सा रहता है....

नहीं मां....शायद मां के स्पर्श से बेटे की कच्ची नींद भी खुल गई थी और वह करवट ले मां के करीब आ गया था...
पिछले महीने पति के गुजर जाने के बाद अब उसे भी गहरी नींद कहां आती थी..
रातें तो यूंही आंखें मूंद हल्की झपकियों में ही कट रही थी ऊपर से बेटे की यह बेचैनी...

आजकल जाने कब तू मेरे बिस्तर पर आकर सो जाता है। बहू से नाराज है क्या....

नहीं मां....  किसी अबोध की तरह मां से लिपटने की कोशिश करता इस सवाल को भी वह टाल गया...
मां ने वही बिस्तर से सटे मेज पर रखें तांबे के लोटे से एक घूंट पानी पीकर लोटा वापस मेज पर रख दिया था और बिस्तर पर लेटने की बजाय एक तकिए का सहारा ले दीवार से अपनी पीठ टिका बैठ गई थी...
"फिर क्या बात है बेटा...

कुछ भी नही मां... 
मां की गोद को छोटे बच्चों की तरह बाहों में भरने की कोशिश करता वह उसके हर सवाल को खारिज कर गया था...

बेटा ....बता ना... 
तेरी बेचैनी देख मेरा दिल घबराता है...
उसने बेटे का सर अपनी गोद में रख लिया था।
मां की घबराहट महसूस कर बेटे ने अब खुद सोने या मां के सो जाने का इंतजार करना छोड़ पीठ के बल लेट मां के दोनों हाथ अपने हाथों में ले अपने सीने पर रख लिया था...
"मां.... आपको याद है, जब मैं बड़ा हो रहा था। पापा ने मेरा कमरा अलग कर दिया था...

"अपने लिए अलग कमरे की जिद्द भी तो तूने ही की थी मां ने उसे याद दिलाया था...

"हां....लेकिन तब आप मेरे सो जाने के बाद उस कमरे में आकर मेरे माथे को सहलाती अक्सर मेरे बिस्तर पर ही सो जाया करती थी....

"और सुबह मुझे अपने बिस्तर पर पाकर तू अक्सर मुझसे एक सवाल पूछा करता था...
 याद है...
सोई गहरी रात में मां-बेटे भूली-बिसरी बातें याद कर रहे थे...

"हां.... याद है...

"अच्छा...तो  बता क्या पूछता था... सुबह की कहीं कितनी ही बातों को शाम तक भूल जाने वाले बेटे को बरसों पुरानी वह बात कहां याद होगी.. यह सोच मां मुस्कुराई थी...

"यही की.... क्या आप पापा से नाराज हो....

बेटे की अद्भुत यादाश्त क्षमता से रूबरू होती मां का निस्तेज होता चेहरा अचानक एक अद्भुत मुस्कान के साथ कमरे की मदीम रोशनी में भी जगमगा उठा...

हां ....पर बेटा....तुझे ऐसा क्यों लगता था....
आज वर्षो बाद शायद मां भी शिद्दत से बेटे के मन की उस बात को जान लेना चाहती थी जिसे जानने की फुर्सत उसे आज से पहले कभी नहीं मिली...

"क्योंकि मैं आपको हमेशा पापा के साथ देखना चाहता था....
पिता को याद करते हुए बेटे ने अपने सीने पर रखे मां के दोनों हाथों पर अपनी पकड़ मजबूत की थी....

"बेटा.... मैं भी तुम्हें हमेशा बहू के साथ देखना चाहती हूं...मां ने झुक कर बेटे का माथा चूमकर कहा...

"मां.... तब आप पापा को कमरे में अकेला छोड़ मेरे पास क्यों आ जाती थी....
बरसों बाद बेटा भी अपने मन की जिज्ञासा मां के सामने रख रहा था...

"बेटा...डर लगता था कि अकेले कमरे में कहीं तू डर ना जाए....

"मां.... अब जब पापा नहीं रहे, मुझे भी डर लगता है...

"क्यों बेटा..." मां अपने बेटे का "डर " जानने को अधीर हो उठी ....

"कहीं आप अपने अकेलेपन से डर ना जाओ...
इसलिए मैं...मै....
इसके आगे वह कुछ कह ही नहीं पाया, मां-बेटा एक दूजे से लिपट गए थे और सारे शब्द आंसुओं में बह गए थे....